सिद्धार्थ कांकरिया @ थांदला
थांदला। श्रमण संघीय सलाहकार करुणामूर्ति पंडित रत्न पूज्य श्री रुपेंद्रमुनिजी म. सा. की 28वीं पुण्यतिथि बुधवार को जप, तप, त्याग और विभिन्न धर्माराधनाओं के साथ मनाई गई। कार्यक्रम तत्वज्ञ श्री धर्मेंद्रमुनिजी म. सा. सहित 12 संयमी आत्माओं के सानिध्य में हुआ।

पुण्यतिथि के अवसर पर स्थानीय महावीर भवन में श्री संघ की ओर से सामूहिक एकासन तप का आयोजन किया गया, जिसमें 125 श्रावक-श्राविकाओं ने तप आराधना की। आराधकों ने तीन-तीन सामायिक भी की।
स्थानीय पौषध भवन में आयोजित गुणानुवाद सभा में तत्वज्ञ श्री धर्मेंद्रमुनिजी ने पूज्य श्री रुपेंद्रमुनिजी के जीवन के विभिन्न गुणों का स्मरण किया। उन्होंने कहा कि उनके जीवन में ईर्ष्या, लोकेषणा और मान कषाय का अभाव था। वे संतोषी, ज्ञान के अभ्यासी और छोटों को आगे बढ़ाने वाले संत थे। संदीपमुनिजी ने उनके समता भाव और सरल जीवन को याद किया।
इस अवसर पर रतलाम, मेघनगर, बदनावर और मंडलेश्वर से श्रावक-श्राविकाएं उपस्थित रहे। वहीं थांदला में तपस्याओं का दौर भी जारी रहा। धर्मसभा में कई आराधकों ने उपवास के प्रत्याख्यान ग्रहण किए। श्री संघ की ओर से तपस्वियों का बहुमान किया गया।



