सिद्धार्थ कांकरिया @ थांदला
थांदला। जिस पर भगवान की कृपा होती है उस पर सभी की कृपा होती है। भगवान की कृपा के लिए हमें जीवन में सदकर्मों का मार्ग अपनाना चाहिए। सदा अच्छा आचरण करने और प्रभु भक्ति में लीन रहने वाले भक्तों पर हमेशा भगवान की कृपा बनी रहती है।
यह बात सत्यवीर तेजाजी मंदिर पर चल रही भागवत कथा के चौथे दिन आचार्य बलराम महाराज काशी वाले ने कही। उन्होंने ध्रुव प्रसंग सुनाते हुए कहा कि ध्रुव की सौतेली माता का व्यवहार ध्रुव के प्रति अच्छा नहीं था। उन्होंने ध्रुव को पिता की गोद से उतार दिया। जिस बात से नाराज होकर ध्रुव जंगल में घोर तपस्या करने के लिए चले गए। घोर तपस्या से ध्रुव को भगवान की कृपा होती है। और जिस माता ने पिता की गोद से धक्के देकर रुको उतरा था। उसी माता ने उनकी आरती उतार कर सम्मान पूर्वक गद्दी पर बिठा देती है।
उन्होंने कृष्ण जन्म प्रसंग पर उपस्थित सभी भक्तों को भावविभोर कर दिया।
कथा के यजमान तेजाजी न्यास मंडल के अध्यक्ष लक्ष्मण मोतीलाल राठौड़ हैं। कथा में उपस्थित तेजाजी के सेवक जमनालाल राठौड़, उपाध्यक्ष तेजमल फकीरचंद राठौड़, सचिव रमेशचंद्र जागीरदार, कोषाध्यक्ष तेजमल शंकरलाल, सुनील राम जी, उमेश राठौर, नितेश राठौर, मंदिर के पुजारी मांगीलाल, महेश गढ़वाल सहित बड़ी संख्या में तेजाजी न्यास समिति के पदाधिकारी और सदस्य उपस्थित थे।


