झाबुआ, अंतरराष्ट्रीय ई-कचरा दिवस के अवसर पर वयम् गुरुकुलम विद्यालय में पर्यावरण संरक्षण, कौशल विकास एवं सेवा भावना को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक अनूठी पहल की गई। विद्यालय द्वारा *‘आपका ई-कचरा, किसी के काम आए!’* अभियान के अंतर्गत विद्यार्थियों से अपने घरों में अनुपयोगी एवं खराब हो चुके इलेक्ट्रॉनिक उपकरण विद्यालय लाने का आग्रह किया गया था।
इस अभियान में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए अपने घरों से पुराने हेडफोन, चार्जर, कीबोर्ड, माउस, स्पीकर, रिमोट कंट्रोल, इलेक्ट्रॉनिक खिलौने एवं अन्य खराब इलेक्ट्रॉनिक उपकरण विद्यालय में जमा करवाए।
इस अभियान की विशेषता यह है कि एकत्रित ई-कचरे को केवल संग्रहित नहीं किया जाएगा, बल्कि उसे उपयोगी बनाने का प्रयास भी किया जाएगा। विद्यालय के प्रशिक्षक पवनेंद्र सिसोदिया के मार्गदर्शन में विद्यार्थी इन उपकरणों की जांच करेंगे तथा मरम्मत योग्य उपकरणों को स्वयं ठीक करना सीखेंगे। इसके बाद उपयोगी बनाए गए उपकरण जरूरतमंद व्यक्तियों को निःशुल्क प्रदान किए जाएंगे।
इस अवसर पर संस्था के संचालक ओम शर्मा ने कहा कि आज इलेक्ट्रॉनिक कचरा पर्यावरण के लिए एक बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। ऐसे में बच्चों को केवल ई-कचरे के उचित निपटान की जानकारी देना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें खराब वस्तुओं की मरम्मत कर पुनः उपयोग करने का कौशल भी सिखाना आवश्यक है। यह पहल पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ विद्यार्थियों में आत्मनिर्भरता, तकनीकी कौशल, रचनात्मक सोच एवं सेवा भावना विकसित करने का सार्थक प्रयास है।
उन्होंने कहा कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य बच्चों को केवल किताबी ज्ञान देना नहीं, बल्कि उन्हें समस्याओं का समाधान करना और समाज के लिए उपयोगी बनना सिखाना भी है।
विद्यालय प्रबंधन ने झाबुआ नगरवासियों से भी इस अभियान में सहभागी बनने का आग्रह किया है। जिन परिवारों के घरों में पुराने अथवा खराब हेडफोन, चार्जर, कीबोर्ड, माउस, स्पीकर, इलेक्ट्रॉनिक खिलौने या अन्य छोटे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण अनुपयोगी पड़े हैं, वे उन्हें वयम् गुरुकुलम विद्यालय में जमा करवा सकते हैं, ताकि मरम्मत योग्य उपकरणों को नया जीवन देकर किसी जरूरतमंद के काम लाया जा सके।
संपूर्ण कार्यक्रम विद्यालय की प्राचार्या दीपशिखा तिवारी एवं उपप्राचार्य मकरंद आचार्य के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।
विद्यालय की इस पहल ने विद्यार्थियों को *‘कचरे से संसाधन, कौशल से आत्मनिर्भरता और पुनः उपयोग से सेवा’* का व्यावहारिक संदेश दिया।


