सिद्धार्थ कांकरिया @ थांदला
थांदला। ‘साथ अगर अच्छा हो तो मंजिलें मिल ही जाती है’। या ‘संगत का असर आ ही जाता है’। इसी बात को चरितार्थ किया है। थांदला के दो युवकों ने। थांदला के यह दो युवक मात्र 21 वर्ष की उम्र में ही, प्रथम प्रयास में सीए (चार्टर्ड अकाउंट) बन गए हैं।
संयोग है कि दोनों ही युवक ने अपनी प्राथमिक पढ़ाई भी साथ-साथ में की और सीए की तैयारी भी साथ में की।
मंगलवार को आए रिजल्ट के बाद दोनों युवकों के परिजनों में उत्साह का माहौल था। बता दें कि भव्य कमलेश लोढ़ा और अवीश अनूप मिंडा मुंबई में विगत कुछ वर्षों से सीए की तैयारी कर रहे थे। लगातार की गई मेहनत और सकारात्मक सोच के साथ मंगलवार को आए इस परिणाम से भव्य और अवीश इस दोनों ही गदगद हो गए।
झाबुआ हिट से दूरभाष पर चर्चा करते हुए दोनों ही युवकों के परिजनों ने बताया कि वह प्रतिदिन 10 से 12 घंटे पढ़ाई करते थे अपनी प्राथमिक शिक्षा से ही दोनों युवक परीक्षा परिणाम में अव्वल रहे।
दोनों युवक को ने अध्ययन कर रहे छात्रों से अपील की है। कि युवा लक्ष्य निर्धारित कर, पूरी मेहनत और ईमानदारी के साथ अध्ययन करें। सफलता निश्चित ही मिलेगी।


