सिद्धार्थ कांकरिया @ थांदला
थांदला। दुनियाभर में एचआईवी से पीड़ित लोगों के प्रति समर्थन दिखाने एवं इस रोग के कारण जिन लोगों को खो चुके हैं, उनके प्रति सम्मान प्रकट करने के लिए विश्व भर के लोग एकजुट होकर 1 दिसंबर को विश्व एड्स दिवस मनाया जाता है
1 दिसंबर 1988 को पहला विश्व एड्स दिवस मनाया गया था। वर्ष 2023 में 35 वर्ष पूर्ण होने पर विश्व एड्स दिवस की थीम “विश्व एड्स दिवस 35: याद रखें और प्रतिबद्ध रहें “रखी गई है उक्त विचार डॉ मीना मावी ने एड्स दिवस की शपथ दिलाते हुए व्यक्त किए।
इस अवसर पर विद्यार्थियों ने एड्स का प्रतीक चिन्ह बनाया तथा रैली के माध्यम से एड्स के प्रति जागरूकता संदेश दिया।
उक्त आयोजन देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर एवं शासकीय महाविद्यालय थांदला की राष्ट्रीय सेवा योजना एवं रेड रिबन क्लब के तत्वाधान में आयोजित किया गया। जिसमें डॉ. मनोहर सोलंकी, प्रो विजय मावी, प्रो.हिमांशु मालवीया, केसर सिंह डोडवे, राजेंद्र सिंह चौहान, डॉ दीपिका जोशी, सुनिता राज सोलंकी, मंजुला मंडलोई, कंचना बारस्कर, राकेश चोरे, जीडी भालसे, रितु राठौर, नेहा वर्मा, विजय मावड़ा, दिनेश मौर्य, विक्रम डामोर, रमेश डामोर, दलसिंह मोरी एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने सहभागिता की।
झाबुआ में भी एड्स दिवस पर जीवन ज्योति हेल्थ सर्विस टी आई परियोजना द्वारा राजवाड़ा से बस स्टैण्ड पर कैंडल मार्च मोमबत्ती जलाकर रेली निकली गई। और
एड्स नियंत्रण जागरूकता अभियान चलाया गया।



