सिद्धार्थ कांकरिया @ थांदला
थांदला। शिक्षकों द्वारा विद्यार्थियों की उत्तर पुस्तिका का किस प्रकार लापरवाही पूर्वक मूल्यांकन किया जाता है। और उस मूल्यांकन से विद्यार्थी और अभिभावक कितने परेशान होते हैं। ऐसा एक मामला प्रकाश में आया है। जिसमें शिक्षक द्वारा संबंधित विद्यार्थी की उत्तर पुस्तिका का सामान्य (एवरेज) मूल्यांकन किया गया। जिसके बाद अभिभावक ने एक आवेदन कलेक्टर को सौंपा है।
मामला थांदला के पार्थ अरविंद चौहान का है। जो कक्षा आठवीं में अध्ययनरत है। पार्थ का कक्षा आठवीं का परीक्षा परिणाम 15 मई को आया। जिससे असंतुष्ट होकर पार्थ की ओर से 19 मई को सामान्य हिंदी, विज्ञान और सामाजिक विज्ञान की उत्तर पुस्तिका का पुन: मूल्यांकन हेतु आवेदन दिया गया। जब पार्थ और उनके पिता अरविंद चौहान को उत्तर पुस्तिका बताई गई। तो उसमें पाया गया कि संबंधित शिक्षक ने मात्र औसत अंक देकर अपने कर्तव्य से इतिश्री कर ली।
इस संबंध में जब अभिभावक अरविंद चौहान द्वारा संबंधित शिक्षक से चर्चा की गई तो उन्होंने बताया कि 15 जून को ऑनलाइन पोर्टल खुलेंगे। जिसमें उत्तर पुस्तिकाओं का पुनर्मूल्यांकन कर दिया जाएगा। लेकिन 15 जून के बाद से अभी तक कोई सूचना जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा नहीं दी गई और ना ही पोर्टल खुला पाया गया।
जिसके बाद अरविंद चौहान ने कलेक्टर को इस संबंध में एक आवेदन सौंपा है जिसमें उत्तर पुस्तिका का पुनर्मूल्यांकन करने की मांग रखी गई है।


