JhabuaHitJhabuaHitJhabuaHit
  • होम
  • झाबुआ
    • थांदला
    • पेटलावद
    • बामनिया
    • रानापुर
  • अलीराजपुर
    • आजाद नगर
    • कट्ठीवाडा
    • जोबट
    • सोंडवा
  • अपराध
  • धार्मिक
  • प्रशासन
  • आप की ‘सरकार’
  • राजनीति
  • रेलवे प्रशासन
  • अन्य जिले
    • पारा कल्याणपुरा
    • पिटोल
    • राणापुर
    • मेघनगर
    • सारंगी
Reading: आखिर कब तक होती रहेगी यह लापरवाही, किसकी है जिम्मेदारी
Share
Notification Show More
Font ResizerAa
JhabuaHitJhabuaHit
Font ResizerAa
  • होम
  • झाबुआ
  • अलीराजपुर
  • अपराध
  • धार्मिक
  • प्रशासन
  • आप की ‘सरकार’
  • राजनीति
  • रेलवे प्रशासन
  • अन्य जिले
Search
  • होम
  • झाबुआ
    • थांदला
    • पेटलावद
    • बामनिया
    • रानापुर
  • अलीराजपुर
    • आजाद नगर
    • कट्ठीवाडा
    • जोबट
    • सोंडवा
  • अपराध
  • धार्मिक
  • प्रशासन
  • आप की ‘सरकार’
  • राजनीति
  • रेलवे प्रशासन
  • अन्य जिले
    • पारा कल्याणपुरा
    • पिटोल
    • राणापुर
    • मेघनगर
    • सारंगी
Follow US
  • होम
  • समाचार
  • संपर्क
  • गोपनीयता नीति
  • हमारे बारे में
© 2022 Foxiz News Network. Ruby Design Company. All Rights Reserved.

Home » Uncategorized

Uncategorized

आखिर कब तक होती रहेगी यह लापरवाही, किसकी है जिम्मेदारी

Last updated: October 13, 2022 3:50 pm
सिद्धार्थ कांकरिया
Share
6 Min Read

सिद्धार्थ कांकरिया @ थांदला

थांदला। आम नागरिकों की जिंदगी रोशन करने वाले कर्मचारियों की जिंदगी में कब अंधेरा हो जाए कुछ कहा नही जा सकता। क्योकि मेंटेनेंस के नाम पर लाखों रुपए खर्च करने के लिए विद्युत विभाग के पास पैसे है। लेकिन इन कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए शायद कोई फंड विभाग के पास नही है। तभी तो यह कर्मचारी बिना किसी सुरक्षा इंतजाम के जिंदगी और मौत के बीच झूलते तारो पर माथापच्ची करते हुए आम नागरिकों की जिंदगी रोशन करने में लगे है। ऐसे मामले में जितनी गलती विभाग के ऑफिस के अंदर चेयर पर बैठे अधिकारियों की है। उतनी ही गलती जोखिम भरी फील्ड पर पर्याप्त सुरक्षा के बिना काम करने वाले इन कर्मचारियों की भी प्रतीत हो रही है। क्योंकि सामान्य तौर पर छोटी छोटी मांगो के लिए हड़ताल करने वाले कर्मचारी सुरक्षा उपकरणों की जायज मांग के लिए भी काम बंद कर सकते थे।

बिना किसी सुरक्षा इंतजाम के कार्य करता कर्मचारी (फाइल फोटो)

एक माह पूर्व हुआ था भयानक हादसा
परमिट में कैसे हुई चूक

थांदला में 1 माह पूर्व ही विद्युत विभाग की लापरवाही से जबरदस्त हादसा हुआ है। ग्राम पंचायत खोकरखानदन के युवक मड़िया भीमला बेहरा कार्य के दौरान विद्युत करंट लगने से गंभीर रूप से घायल हो गए। फिलहाल वह जिंदगी और मौत के बीच में जूझ रहा हैं। परिवार इलाज के लिए उन्हें समीपस्थ राज्य गुजरात के दाहोद, वडोदरा के बड़े-बड़े निजी अस्पतालों में भी ले जा चुका है। लेकिन वर्तमान में भी स्थिति नाजुक बनी हुई है। परिजन थक हारकर चिकित्सकों की सलाह पर मड़िया को गांव ले आए हैं। लेकिन भयानक पीड़ा से जूझ रहे मड़िया बताते हैं कि वह एक निजी कंपनी के जरिए विद्युत विभाग के मेंटेनेंस कार्य में लगे थे। नौगांवा नदी के समीप बनी डीपी पर वह ‘कंट्री बांधने’ (तकनीकी कार्य) के लिए विद्युत पोल पर चढ़े थे। इस दौरान उन्हें जबरदस्त करंट लग गया। मडिया ने बताया कि विद्युत मेंटेनेंस करने के पूर्व विभाग द्वारा परमिट लिया जाता है। मौके पर मौजूद संबंधित विभाग के स्थाई कर्मचारी ने मड़िया को बताया कि उन्होंने परमिट ले लिया है। और मडिया विद्युत के खंभे पर चढ़ गया। पूरा मामला जांच में चल रहा है। मामले में विद्युत विभाग के दो कर्मचारियों के खिलाफ पीड़ित पक्ष ने थाने शिकायत दर्ज करवाई है। जिस पर जांच चल रही है। लेकिन पूरा ही मामला जांच का विषय है। की मेंटेनेंस कार्य करने के पूर्व लिए जाने वाले परमिट में आखिर कैसे चूक हो गई। जांच का विषय यह भी है कि निजी कंपनी ‘बेसिल’ ने अपने उक्त कर्मचारी का बीमा करवाया था या नहीं। जांच का विषय यह भी है कि यदि मौके पर मौजूद बिजली विभाग के कर्मचारी द्वारा परमिट लिया गया था। तो उक्त तारों में करंट कैसे दौड़ा।

फैक्ट फाइल
विद्युत विभाग में मेंटेनेंस कार्य करने वाले कर्मचारियों के लिए शासन ने बहुत कुछ सुविधाएं दी हैं। इनमें मुख्य रूप से कर्मचारी के लिए हेलमेट, हाथ के दस्ताने और लगभग 4 फीट की अर्थ रॉड रहती है। इस अर्थ रॉड से विद्युत लाइन ट्रिप हो जाती है। जिससे करंट की संभावना पूरी तरह से खत्म हो जाती है। वही हेलमेट और हाथ के दस्ताने संबंधित कर्मचारी को सुरक्षा प्रदान करते हैं। लेकिन ज्यादातर मामलों में देखा गया है कि कर्मचारियों और अधिकारियों दोनों के द्वारा ही सुरक्षा उपकरणों में लापरवाही बरती जाती है। कई बार या तो जानकारी के अभाव में या लापरवाही पूर्वक कर्मचारी बिना सुरक्षा उपकरण के ही विद्युत पोल पर चढ़ जाते हैं। शासन और प्रशासन को चाहिए कि इस मामले में सख्त कानून बनाकर पूरी तरह से पालन करवाया जाए। उक्त मामले में भी पीड़ित युवक बिना किसी सुरक्षा उपकरणों के विद्युत पोल पर चढ़ा हुआ था जांच का विषय है यह भी है कि विभाग और संबंधित कंपनी द्वारा उक्त युवक को सुरक्षा उपकरण दिए थे या नहीं।

कैसे दिया जाता है परमिट

विद्युत मेंटेनेंस कार्य करने के पूर्व अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा परमिट दिया जाता है। इस परमिट के लिए विभाग में एक बुक होती है। जिसमें परमिट दिनांक और समय का स्पष्ट उल्लेख होता है। वही फील्ड पर जाने वाले कर्मचारी को एक सीक्रेट कोड दिया जाता है। कार्य पूर्ण होने के बाद संबंधित कर्मचारी फोन पर उक्त सीक्रेट कोड बोलकर विद्युत प्रदाय फिर से शुरू करवा सकता है। अब सवाल यह है कि शासन द्वारा इतने नियम बनाने के बाद भी परमिट लेने में चुक कैसे हो गई।

You Might Also Like

Zakłady Sportowe Żużel: Różnice W Kursach My Partner And I Grunzochse Je Wykorzystać
लायन्स क्लब थांदला का 44 वाँ संस्थापन एवं शपथ विधि समारोह सम्पन्न
“Superior Zakłady Sportowe: Najczęstsze Mity I Fakty O Zakładach
किसानों और व्यापारियों की समस्या देखने पहुंचे अजजा मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष कलसिंह भाबर
Mostbet ᐉ Bônus De Boas-vindas R$5555 ᐉ Formal Mostbet Casino Br
Share This Article
Facebook Whatsapp Whatsapp Telegram Copy Link
Previous Article जिले में पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के हुए तबादले
Next Article विश्व खाद्य दिवस के अवसर पर 16 अक्टूबर को बामनिया में होगा लाइसेंस रजिस्ट्रेशन शिविर का आयोजन
Leave a Comment Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recent Post

  • Mostbet ᐉ Bônus De Boas-vindas R$5555 ᐉ Formal Mostbet Casino Br
  • Mostbet ᐉ Bônus De Boas-vindas R$5555 ᐉ Formal Mostbet Casino Br
  • Populära online poker spel tillgängliga utan svensk licens
  • Upptäck fördelarna med casino utan konto med BankID idag!
  • Betrugstest für Online-Casinos ohne deutsche Lizenz: So erkennst du Betrug

संपादक

संपादक

Latest News

Mostbet ᐉ Bônus De Boas-vindas R$5555 ᐉ Formal Mostbet Casino Br
Mostbet ᐉ Bônus De Boas-vindas R$5555 ᐉ Formal Mostbet Casino Br
Populära online poker spel tillgängliga utan svensk licens
Upptäck fördelarna med casino utan konto med BankID idag!

//

हम 20 हजार उपयोगकर्ताओं को प्रभावित करते हैं और ग्रह पर नंबर एक व्यापार और प्रौद्योगिकी समाचार नेटवर्क है|

Usefull Links

  • Home
  • News
  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • Abost Us

Top Categories

  • Crime
  • Your Government
  • Religious
  • Administration
  • Politics

Contact Us

  • 79999-85111
  • jhabuahit@gmail.com

© 2022 Jhabua Hit. All Rights Reserved. | Designed and Developed BY IIC Indore, Shashank Mohite
Welcome Back!

Sign in to your account